MP News : CM मोहन यादव दो दिन रहेगे खजुराहो में, मंगलवार को करेगे बड़े ऐलान, लाडली बहना योजान की 31वी क़िस्त करेगे जारी

MP News : नमस्कार दोस्तों मध्य प्रदेश की राजनीति और विकास की बैठक अब दिल्ली-भोपाल से निकलकर ऐतिहासिक धरती खजुराहो पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पूरी टीम के साथ सोमवार और मंगलवार यानी 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में डेरा डाले हुए हैं। ये कोई साधारण दौरा नहीं है, बल्कि एक ‘वर्किंग रिट्रीट’ जैसा है, जहां सरकार के तकरीबन आधे से ज्यादा अहम विभागों की कार्यप्रणाली पर गहन चर्चा होगी और कल, मंगलवार को तो एक बड़ी कैबिनेट बैठक भी होने वाली है।

सोमवार को विभागों की कड़ी समीक्षा का दिन

सोमवार की सुबह खाद्य आपूर्ति विभाग की बैठक से शुरुआत हुई। मतलब साफ है – राशन, भाव और जनता की रसोई तक पहुंच पर नजर। इसके बाद पूरा दिन एक के बाद एक मंत्रियों और अधिकारियों की फौज मुख्यमंत्री कक्ष में आती-जाती रही। वाणिज्यिक कर, पशुपालन, नगरीय विकास, जनजातीय कल्याण और एमएसएमई जैसे विभागों ने अपने-अपने हिसाब से पेश किया कि पिछले दो साल में क्या कमाया और आगे का रोडमैप क्या है। ये समीक्षा कोरी रिपोर्टकार्ड भरने के लिए नहीं, बल्कि गति तेज करने और रुकावटें दूर करने के लिए है।

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मंगलवार को बड़े फैसलों और बड़े ऐलान का दिन

मंगलवार यानी 9 दिसंबर का दिन और भी महत्वपूर्ण है। सुबह लोक निर्माण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पानी का विभाग) की समीक्षा होगी। दोपहर 3 बजे से शुरू होगी अहम कैबिनेट बैठक। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा और महत्वपूर्ण निर्णय होने की उम्मीद है। यानी खजुराहो सिर्फ पर्यटन का नहीं, बल्कि अब नीतियों के निर्माण का केंद्र बन गया है।

सबसे बड़ी खुशखबरी लाडली बहनों के खाते में जमा होंगे 1500 रुपये

लेकिन भैया, इन सब बैठकों से ज्यादा जो खबर हर घर में चर्चा का विषय बनेगी, वह है लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्हीं दो व्यस्त दिनों के बीच मंगलवार को छतरपुर जिले के राजनगर (सती की मढ़िया) में एक विशाल लाडली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे। और वहीं से, एक क्लिक पर, पूरे प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा बहनों के खाते में दिसंबर महीने की 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर कर देंगे। यह इस योजना की 31वीं किस्त होगी। इसके साथ ही वह बहनों से सीधा संवाद भी करेंगे। ये सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वह प्रशासनिक कामकाज और जनकल्याण के कार्यक्रमों को साथ-साथ चलाने में विश्वास रखती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और विकास के काम भी

इस दौरे की थोड़ी रोचकता भी है। मुख्यमंत्री जी आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण करेंगे, सांस्कृतिक कार्यक्रम देखेंगे और महाराजा छत्रसाल व सरदार पटेल की मूर्तियों का अनावरण भी करेंगे। साथ ही, पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण और 270 करोड़ रुपये से ज्यादा के नौ विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 240 करोड़ के 20 कार्यों का लोकार्पण भी कार्यक्रम में शामिल है। मतलब, समीक्षा, नीति, लाभार्थी संवाद और विकास कार्य – चारों चीजें एक साथ।

निष्कर्ष: सक्रिय और जनसम्पर्क वाली शासन शैली

संक्षेप में कहें तो, यह दो दिन का दौरा सीएम मोहन यादव की ‘ग्राउंडेड और एक्टिव’ गवर्नेंस स्टाइल को दिखाता है। राजधानी से दूर ऐतिहासिक स्थल पर बैठकर विभागों की हालत जानना, कैबिनेट बैठक बुलाना और बीच में सीधे लाखों लाभार्थियों से रूबरू होकर उनके खाते में सहायता राशि पहुंचाना… यह तस्वीर एक ऐसी सरकार की है जो कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर जमीन पर असर दिखाना चाहती है। अब देखना यह है कि इन बैठकों से निकलने वाले फैसले प्रदेश के लिए कितने कारगर साबित होते हैं, और बहनों के खाते में पैसा कितनी ‘खटाखट’ पहुंचता है।

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